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जबलपुरएक घंटा पहले

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मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से आवेदन पेश कर सरकार द्वारा हाईकोर्ट से मांग की गई थी कि ग्वालियर हाईकोर्ट में चल रहे 38 मामले जिसमें नर्सिंग कॉलेजों की मान्यताओं को चुनौती दी गई है, उसे जबलपुर में चल रहे मामले के साथ सुनवाई की जाए जिस पर कि याचिकाकर्ता द्वारा विगत दिवस की सुनवाई में आपत्ति ली गई थी कि ग्वालियर में चल रहे मामलों में सरकार ग्वालियर खंडपीठ के प्रश्नों का जबाब नही दे पाने के कारण उन मामलों को जबलपुर ट्रांसफर कराना चाहती है, युगल पीठ ने सरकार के उक्त आवेदन को अमान्य करते हुए ग्वालियर में चल रहे मामलों को जबलपुर ट्रांसफर करने से इंकार कर दिया।

नर्सिंग मामले से जुड़ी पूर्व की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से आवेदन पेश कर कोर्ट को बताया गया था कि मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार सुनीता सिजु के विरुद्ध कार्यवाही नही की गई है एवं विभाग द्वारा लगातार संरक्षण दिया जा रहा है। सत्र 2021-22 में रजिस्ट्रार द्वारा जिन नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई थी वह अपात्र थे, याचिकाकर्ता की आपत्ति के बाद हुई निरीक्षण पर उनकी मान्यता भी निरस्त हुई थी पर रजिस्ट्रार पर आज तक कार्यवाही नहीं हुई है ।

हाई कोर्ट द्वारा अगस्त 2022 में रजिस्ट्रार को निलंबित किए जाने के आदेश के बाद श्रीमती सुनीता से जो द्वारा रजिस्ट्रार के पद नाम से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी लगाई गई जिसके लिए विभाग से कोई अनुमति भी नहीं ली गई, रजिस्टर पद नाम का उपयोग नियम विरुद्ध किया गया। सुप्रीम कोर्ट में बगैर अनुमति रजिस्ट्रार पदनाम से एसएलपी पेश करने के मामले में रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया गया है, जिस पर कोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए रजिस्ट्रार द्वारा की गई समस्त अनियमितताओं पर आज तक कार्यवाही नहीं करने का कारण पूछा है तथा कार्यवाही करने के लिए 1 दिन का और समय दिया है तथा स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि सरकार द्वारा यदि कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो ऐसी परिस्थितियों में न्यायालय स्वयं कार्यवाही करेगा। मामले पर अगली सुनवाई अब गुरुवार को होगी।

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