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गंजबासौदा3 मिनट पहले

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विदिशा जिले के शमशाबाद थाने के बहुप्रतीक्षित ग्राम बबचिया हत्याकांड में न्यायालय ने 13 साल बाद फैसला सुनाया है। इस मामले मे कोर्ट ने 38 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दरअसल, थाना शमशाबाद क्षेत्रांतर्गत ग्राम बबचिया में 30 फरवरी 2011 में मुस्लिम परिवारों के बीच आपसी झड़प हुई थी। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी।

शनिवार को प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कुल 38 लोगों को सजा सुनाई। इसमें अभियोजन पक्ष के अभियोजक नरेंद्र व्यास ने प्रतिनिधित्व किया। एक पक्ष के 38 लोगों को आजीवन कारावास और एक हजार से लेकर साढ़े 12 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इसके बाद सभी आरोपियों को दो वाहनों से भोपाल सेंट्रल जेल के लिए रवाना कर दिया।

पुलिस ने फैसले के बाद दोषियों को भोपाल सेंट्रल जेल के लिए रवाना किया।

पुलिस ने फैसले के बाद दोषियों को भोपाल सेंट्रल जेल के लिए रवाना किया।

38 में से 5 की पहले ही हो चुकी मौत

इस मामले कुल 54 लोगों के खिलाफ केस दर्ज है इनमें से 12 अभी फरार हैं, 4 बाल न्यायालयीन है। कोर्ट ने कहा कि जो 12 आरोपी फरार है उन पर बाद में सुनवाई होगी। जिन 38 दोषियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है उनमें से शनिवार को 33 न्यायालय में उपस्थित हुए और 5 लोगों की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है।

फैसले के दिन गंजबासौदा न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में दोनों पक्ष के लोग इकट्‌ठा हो गए। जिसे देखते हुए पुलिस ने माकूल व्यवस्था कर रखी थी।

फैसले के दिन गंजबासौदा न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में दोनों पक्ष के लोग इकट्‌ठा हो गए। जिसे देखते हुए पुलिस ने माकूल व्यवस्था कर रखी थी।

13 साल पहले 54 लोगों ने की थी 6 की हत्या

फरियादी मुराद खां की रिपोर्ट के अनुसार, 30 फरवरी 2011 को काले खां गुट के 54 लोगों ने बंदूकें, तलवार, फर्सी, लाठियों से पीड़ित पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की थी। मारपीट में शाहबुद्दीन पिता गनीम खां, रहीस खां पिता गनीम खां, अरमान खां पिता मुराद खां, अजीम खां पिता मुराद खां, आसिफ खां पिता शाहबुद्दीन, बसरुद्दीन पिता जलाल खां की मौत हो गई थी। इस दौरान कुल 6 लोगों की जान गई थी। वहीं अन्य लोगों को गंभीर चोट आई थी।

न्यायालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

न्यायालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

पीड़ित पक्ष के 17 लोगों को किया बरी

इस मामले के फैसले की सुनवाई के वक्त बड़ी संख्या में दोनों ही पक्षों के मुस्लिम समाज के लोग अदालत और उसके आसपास जमा हो गए थे। पुलिस ने सुरक्षा के लिए जिले भर से पुलिस फोर्स बुला रखी थी। कोर्ट परिसर को बैरिकेड्स लगाकर सुरक्षा दी गई। दोषी पक्ष ने भी फरियादी पक्ष के खिलाफ केस किया था। इस मामले में न्यायधीश ने सुनवाई करते हुए फरियादी पक्ष के 17 लोगों को बरी कर दिया। इनमें से 2 लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है।

कोर्ट ने फरियादी पक्ष के इन 17 लोगों को किया बरी।

कोर्ट ने फरियादी पक्ष के इन 17 लोगों को किया बरी।

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