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सागर34 मिनट पहले

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बाघ वंशवृद्धि के लिए 5 साल पहले जब बाघिन राधा और बाघ किशन काे नाैरादेही अभयारण्य लाया गया ताे दाेनाें काे आईडी काॅलर पहनाकर उनकी सतत निगरानी की जाती रही। बाघ किशन की माैत हुई तब भी उसके गले में काॅलर आईडी थी। वन विभाग का अमला राधा-किशन की ताे निगरानी करता रहा, लेकिन रातापानी तरफ से आए तीसरे बाघ एन-3 काे लेकर संजीदा नहीं रहा। जबकि उसका यहां आना जाेखिम भरा था। टेरिटरी काे लेकर बाघाें में संघर्ष की आशंका पहने से थी।

2 साल में वन विभाग का अमला एन-3 पर नजर रखने के लिए उसे काॅलर आईडी नहीं पहना सका। जब वह बाघ किशन की टेरिटरी में घुस आया ताे दाेनाें में भीषण संघर्ष हुआ। उसका नतीजा यह रहा कि किशन की माैत हाे गई। आगे भी दूसरे बाघाें से एन-3 के संघर्ष काे लेकर चिंता बनी हुई है। उसका अभी तक कुछ भी पता नहीं है। वन विभाग का मैदानी अमला पगमार्क के आधार पर उसके नाैरादेही में हाेने की बात कह रहा है। एन-2 से संघर्ष में वह भी घायल हुआ था।

15 बाघ-बाघिन, इनमें 13 यहीं जन्में, 8 युवा

अप्रैल 2018 के पहले तक जिस नाैरादेही अभयारण्य में एक भी बाघ नहीं था। वहां 5 साल में बाघाें का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। बाघ किशन 9 शावकाें का पिता बना। राधा से जन्मी बाघिन भी मां बन गईं। किशन की माैत के बाद अब 15 बाघ हैं। इनमें 13 का जन्म यहीं हुआ। इनमें 8 युवा हैं। इनकी टेरिटरी में किसी बाहरी बाघ के आने से संघर्ष की स्थिति बनती है। बाघ एन-3 के यहां के बाघाें के साथ रमने में वक्त लगेगा। इस बीच वन अधिकारियाें काे चिंता यह भी है कि एन-3 का फिर किसी दूसरे बाघ से टकराव न हाे जाए।

अप्रैल 2018 के पहले तक जिस नाैरादेही अभयारण्य में एक भी बाघ नहीं था। वहां 5 साल में बाघाें का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। बाघ किशन 9 शावकाें का पिता बना। राधा से जन्मी बाघिन भी मां बन गईं। किशन की माैत के बाद अब 15 बाघ हैं। इनमें 13 का जन्म यहीं हुअा। इनमें 8 युवा हैं। इनकी टेरिटरी में किसी बाहरी बाघ के आने से संघर्ष की स्थिति बनती है। बाघ एन-3 के यहां के बाघाें के साथ रमने में वक्त लगेगा। इस बीच वन अधिकारियाें काे चिंता यह भी है कि एन-3 का फिर किसी दूसरे बाघ से टकराव न हाे जाए।

नाैरादेही अभयारण्य काे बाघाें से आबाद करने वाले बाघ किशन की 11 साल की उम्र में माैत से बाघाें की सुरक्षा काे लेकर सवाल उठना लाजमी aहै। बात जब काॅलर आईडी पहनाने की आई ताे अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि सभी काे यह पहनाना जरूरी नहीं। हालांकि उनके इस तर्क का काेई आधार नहीं है। निगरानी दल व हाथी के जरिए बाघाें पर नजर रखी जा रही है।

एक काॅलर आईडी की कीमत ढाई से 3 लाख रुपए है। कई बार काॅलर आईडी खराब भी हाे जाती है। राधा-किशन से जन्में बाघ भी युवा हाे गए हैं। 7 किमी क्षेत्रफल में बाघाें का बसेरा है। अभयारण्य का क्षेत्रफल भले ही ज्यादा है, लेकिन बाघाें की टेरिटरी छाेटी है। जहां पानी, शिकार व गुफा जैसा अनुकूल माहाैल मिलता है, बाघ उस इलाके में रम जाते हैं।

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