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इंदौर।10 मिनट पहलेलेखक: अभिषेक दुबे

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असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) मालवा-निमाड़ की 10 सीटों सहित मध्य प्रदेश की कुल 15 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है। एआईएमआईएम ने चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। खासतौर पर उनकी नजरें मालवा-निमाड़ की उन सीटों पर है जहां कांग्रेस और भाजपा में जीत-हार का अंतर 10 हजार वोटों से भी कम का है।

पहले तीन इमेज में समझिए आखिर क्यों एमपी में इतनी रूचि ले रहे हैं ओवैसी

एआईएमआईएम विधानसभा चुनाव में इंदौर और खंडवा पर ज्यादा फोकस होकर काम कर रही है। इसमें इंदौर की 3 सीटें और खंडवा की 2 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी है। औवेसी जिन सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयार कर रही है उन सीटों पर या तो वर्तमान में कांग्रेस के विधायक हैं या फिर कांग्रेस उन सीटों पर बहुत कम अंतराल से चुनाव हारी है। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि औवेसी ने कहा है कि पार्टी मप्र में चुनाव लड़ेगी। इसके लिए मप्र में टीम व कमेटी तैयार की जा रही है। पठान ने कहा मप्र में कौन सी व कितनी सीट पर चुनाव लड़ेंगे यह पार्टी प्रमुख ही तय करेंगे। कमेटी बना दी गई है।

एआईएमआईएम के खंडवा नगर अध्यक्ष जाहिद अहमद खान का कहना है कि पार्टी ने मप्र में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। हम मप्र की 15 सीटों पर प्रत्याशी उतार चुनाव लड़ेंगे। जिनमें खंडवा की दो सीटे खंडवा और मांधता, इंदौर की चार इंदौर 1, 5, 3 और राऊ, भोपाल की 1 सीट के साथ ही जबलपुर, बुराहनपुर, ग्वालियर ग्रामीण, जावरा, खरगोन, धार, महुं, मंदसौर और नीमच में प्रत्याशी उतार चुनाव लड़ेंगे।

एआईएमआईएम का मप्र विधानसभा में चुनाव लड़ने पर राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों का कहना है कि औवेसी की पार्टी प्रदेश की उन सीटों पर कांग्रेस और भाजपा का गणित बिगाड़ेगी। खासकर वहां जहां पर हार-जीत का मार्जिन 10 हजार वोटों से कम का है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि औवेसी की पार्टी मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर ज्यादा फोकस होकर चुनाव लड़ेगी जहां पर 5 हजार से 10 हजार वोटों से परिणाम को बदला जा सकेगा।

औवेसी बोलकर गए हैं कि तैयारी करो, चुनाव लड़ेंगे

इंदौर में एआईएमआईएम पार्टी के सदस्य व पार्षद प्रत्याशी बंटी टाप्या ने बताया कि औवेसी शुक्रवार और शनिवार को इंदौर आए थे। इस दौरान उन्होंने हमें कहा कि युद्ध स्तर की तैयारी रखो। चुनाव लड़ने की घोषणा जल्द से जल्द से कर देंगे।

बंटी ने बताया कि औवेसी के कहने पर कार्यकतओं ने तैयारी शुरू कर दी है। एआईएमआईएम के कार्यकर्ताओं का फोकस इंदौर 1, 3 और 5 पर है। वहीं अन्य कुछ एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि पार्टी 1, 3 और 5 के अलावा राऊ में अपने प्रत्याशी को उतारेगी।

एआईएमआईएम चुनाव लड़ी तो कांग्रेस को होगा नुकसान

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रदेश में एआईएमआईएम चुनाव लड़ती है तो इससे कांग्रेस को नुकसान होगा। क्योंकि हाल ही में मप्र में हुए नगरीय निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने बुरहानपुर में कांग्रेस का गणित बिगाड़ दिया था।

यहां पर ओवैसी की पार्टी की महापौर प्रत्याशी ने 10 हजार वोट से जीत हासिल की थी। जबकि बीजेपी और कांग्रेस के बीच हार का अंतर सिर्फ 500 वोट से भी कम था। वहीं 7 पार्षद जो जीते थे उनकी वजह से ही कांग्रेस के पार्षदों को हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस ने कहा मप्र में तीसरी पार्टी का कोई स्कोप नहीं, वहीं भाजपा ने कहा हम किसी पार्टी से नहीं डरते

इंदौर कांग्रेस नेता दीपक पिंटू जोशी ने कहा कि मप्र में इस बार एक तरफा कांग्रेस का माहौल है। प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है। यहां पर तीसरी पार्टी का कोई स्कोप नहीं है। 2014 से पहले इस पार्टी का नाम किसी ने सुना नहीं था।

वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गोविंद मालू ने कहा कि ओवैसी की पार्टी आए या कोई और पार्टी आ जाए भाजपा को इन पार्टियों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमें अपने काम और जनता पर पूरा भरोसा है। भाजपा पार्टी किसी से घबराने वाली नहीं है कांग्रेस अपना घर देखें।

औवेसी जैसी बी टीम को आगे कर देती है भाजपा
कांग्रेस प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी ने बताया कि जब जब भाजपा की जमीन खसकने लगती है वह चुनाव हारने जाती है तब तक वह ओवैसी जैसी बी टीम को आगे कर देती है। लेकिन अब जनता समझदार हो गई है। मप्र की जनता पूर्ण बहुमत के साथ इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनवाने जा रही है।

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