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मंदसौर4 घंटे पहले

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मंदसौर के सुवासरा विधानसभा के खेजड़िया गांव में बागेश्वर धाम पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुधवार की दोपहर 3 बजे सीतामऊ के कृषि उपज मंडी स्थित हेलीपैड पर उतरे। सीतामऊ में बागेश्वर बाबा के ठहरने की व्यवस्था आयोजन समिति द्वारा की गई है। हेलीपैड से सीधे बागेश्वर बाबा अपने निवास स्थान पर पहुंचे, यहां भक्तजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मंदसौर के पागलों की जय हो।

बाबा से मुलाकात के दौरान कार्यकर्ताओं ने काफी धक्कामुक्की की। इससे नाराज बागेश्वर बाबा मुलाकात बीच में ही छोड़ निकल गए। शाम पांच बजे सीतामऊ से उनका काफिला कथास्थल के लिए रवाना हुआ। सीतामऊ से खेजड़ीय स्थित कथास्थल 15 किलो मीटर तक सड़क के दोनों छोर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु बागेश्वर बाबा की एक झलक पाने को घंटो धूप में खड़े रहे। शाम 6 बजे धीरेंद्र शास्री कथा स्थल के मंच पर पहुंचे। इस दौरान भक्तों का हुजूम बागेश्वर बाबा के काफिले के पीछे दौड़ता रहा। धीरेंद्र शास्री ने सनरूफ ग्लास में खड़े होकर हाथ हिलाते हुए भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया। 6.30 पर हनुमंत कथा शुरू हुई।

डेढ़ लाख भक्त पहुंचे, सेवादारों से भजते हुए परेशान

बुधवार को हनुमंत कथा की शुरुआत हुई। कथा का समय शाम 4 बजे का था लेकिन कथा शाम 6 बजे बाद शुरू हुई। श्रद्धालुओं के लिए लगाए तीन बड़े पांडाल छोटे पड़ गए। बागेश्वर बाबा की हनुमंत कथा सुनने करीब डेढ़ लाख भक्त पहुंचे। व्यवस्थाएं ठीक नहीं होने से श्रद्धालु परेशान होते रहे। 41 डिग्री तापमान में व्यवस्थाए न होने से भक्तों को धूप में खड़े रहना पड़ा। हालांकि कथा शाम को शुरू हुई, लेकिन बड़ी संख्या में भक्तों ने सुबह से ही अपनी जगह रिजर्व कर ली थी। कथा समाप्ति होने तक सेवादार श्रद्धालुओं से उलझते नजर आए।

बाबा बोले- ब्रेकिंग न्यूज न बन जाए

कथा के दौरान बागेश्वर बाबा ने कहा कि कल 8 जून को दोपहर साढ़े बारह बजे दिव्य दरबार न लगाते सुबह 8 बजे लगाएंगे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि दोपहर में धूप ज्यादा होगी, भीड़ ज्यादा है पंडाल छोटा पड़ गया, ऊपर से गर्म लपटे पानी मिले न मिले और किसी की तबियत खराब हो गई तो कल ही ब्रेकिंग न्यूज बन जाएगी, इसलिए यह उपाय किया है कि दरबार सुबह 8 बजे लगाएंगे। शाम को 4 बजे हनुमंत कथा सुनाएंगे।

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