Sun. Jun 23rd, 2024

[ad_1]

भोपाल39 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को CM हाउस में हुए समारोह में प्रदेश में 6077 (दिसंबर 2016 तक) अवैध कॉलोनियों को वैध करने की योजना की शुरुआत की। पहले फेज में 1122 कॉलोनियों को बिल्डिंग परमिशन दी गई। CM शिवराज के इस प्रोग्राम से बाकी के शहर वर्चुअल जुड़े। बिल्डिंग परमिशन के सर्टिफिकेट मिलते ही इन कॉलोनियों में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं देने के लिए रास्ता साफ हो गया है। 30 जून तक सभी कॉलोनी वैध करने का टारगेट है। भोपाल में 320 कॉलोनियों (दिसंबर 2016) को वैध किया जाना है।

इसके चलते मंगलवार शाम को ही नगर निगम ने 238 कॉलोनियों की वार्डवार लिस्ट जारी कर दी। इसमें बिल्डिंग निर्माण के लिए परमिशन देने की शुरुआत हुई। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2022 तक की कॉलोनियां भी लिस्ट में जुड़ेंगी। बता दें कि वैध की गईं प्रदेशभर की 6077 कॉलोनियां दिसंबर 2016 तक की हैं। दिसंबर 2022 तक बनी कॉलोनियां वैध होने पर इस आंकड़े में करीब 2500 कॉलोनियां और जुड़ जाएंगी। सीएम हाउस में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगर अवैध कॉलोनी कटी, तो विभागीय अफसर जिम्मेदार होंगे। पहले दिसंबर 2016 तक निर्मित कॉलोनियों को वैध करने का निर्णय हुआ था, जिसे संशोधित कर वर्ष 2022 कर दिया जाएगा।

निगम की जारी लिस्ट देखें-

दिसंबर 2016 तक बनीं 6077 कॉलोनियां वैध, 22 तक का आंकड़ा आना बाकी

मुख्यमंत्री ने घोषणा नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह की मांग पर की। सिंह ने दो और मांगें रखीं कि इन कॉलोनियों में गरीबों से 20% विकास शुल्क नहीं लिया जाए। मकानों के नक्शे पास किए जाएंगे। CM ने कहा, ‘मैं भूपेंद्र जी से सहमत हूं। हम विकास पुरुष हैं, विकास करने वाली सरकार है, इसलिए खरीदी-बिक्री के लिए विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा। रेगुलर कॉलोनियों में विकास के लिए उपलब्धता के आधार पर राशि दिलाएंगे। बिजली, पानी, सड़कों की सुविधाएं देंगे। जो मकान जैसे भी बने हैं, उनको स्वीकार किया जाएगा।’

यह भी पढ़ें:-

MP में दिसंबर 2022 तक की अवैध कॉलोनियां होंगी वैध:CM शिवराज का ऐलान

मध्यप्रदेश में दिसंबर 2022 तक की अवैध कॉलोनियां वैध की जाएंगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को इसकी घोषणा की है। उन्होंने CM हाउस में कहा- मैं मानता हूं कि जब ये कॉलोनियां बन रही थीं, तब ध्यान देना चाहिए था कि वो वैध बन रही हैं या अवैध। लेकिन हमारे भाई-बहन का क्या दोष? जिंदगीभर की पूंजी लगाकर प्लॉट खरीद लिया। पाई-पाई जोड़कर मकान बना लिया। मकान बन गया, तब सरकार आई और कहा- ये तो अवैध है। यह न्याय नहीं है। अवैध मतलब क्या हम अपराधी हो गए। अवैध ठहराने का निर्णय ही अवैध है, इस निर्णय को मैं समाप्त करता हूं।मध्यप्रदेश में दिसंबर 2022 तक की सारी अवैध कॉलोनियां वैध की जाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- अब अगर अवैध कॉलोनी कटी, तो विभागीय अफसर जिम्मेदार होंगे। पहले दिसंबर 2016 तक निर्मित कॉलोनियों को वैध करने का निर्णय हुआ था, जिसे संशोधित कर वर्ष 2022 कर दिया जाएगा। पढ़े पूरी खबर

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *