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  • The Administration Did Not Give Permission To Participate In The Religious Program; Speculations Of Contesting From Amla

बैतूल39 मिनट पहले

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छतरपुर के लवकुश नगर में SDM निशा बांगरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। निशा बांगरे ने बैतूल के आमला में 25 जून को होने वाले एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी। प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। कहा जा रहा है कि इसके बाद ही उन्होंने यह कदम उठाया है। निशा बांगरे ने अपना इस्तीफा सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव को भेज दिया है।

भास्कर से चर्चा में निशा बांगरे ने कहा कि वे इस बात से आहत है कि उन्हें उन्हीं के घर के उद्घाटन में शामिल होने के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे पहले उन्होंने प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को इस्तीफा भेजते हुए लिखा कि मेरे स्वयं के मकान के उद्घाटन / शुभारंभ कार्यक्रम में विभाग द्वारा मेरे उपस्थित न होने देने के विषयांतर्गत पत्र से मैं हृदय की गहराई से अत्यधिक आहत हूं। उक्त कार्यक्रम में विश्व शांतिदूत “तथागत बुद्ध ” की अस्थियों के भी दर्शनलाभ करने की अनुमति न देने से मेरी धार्मिक भावनाओं को अपूर्णनीय क्षति पहुंची है। अतः : मैं अपने मौलिक अधिकार, धार्मिक आस्था एवं संवैधानिक मूल्यों से समझौता करके अपने डिप्टी कलेक्टर के पद पर बने रहना उचित नहीं समझती हूं। इसीलिए मैं अपने डिप्टी कलेक्टर पद से आज दिनांक 22/06/23 को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देती हूं।

यह है मामला

गगन मलिक फाउंडेशन 25 जून को आमला में अंतर्राष्ट्रीय सर्वधर्म शांति सम्मेलन और विश्व शांति पुरस्कार सम्मान समारोह आयोजित करने जा रहा है। इसके अलावा अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने डिप्टी कलेक्टर निशा बांगर ने अनुमति मांगी थी, लेकिन शासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी है। बांगरे इन कार्यक्रमों में केंद्रीय भूमिका के रुप में नजर आ रही थी।

डिप्टी कलेक्टर बांगरे ने आरोप लगाया है कि संभवतः शासन ने राजनैतिक कारणों से उन्हें कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी है। यहां खुद उनके घर का उद्घाटन का कार्यक्रम है। इसके अलावा धार्मिक आयोजन हो रहा है, जिसमें शामिल नहीं होने देना ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने अब तक कार्यक्रम को लेकर भी कुछ नहीं कहा है अगर एन मौके पर कार्यक्रम रोका जाता है तो तथागत बुद्ध के अनुयाई आंदोलन करेंगे।

बता दें कि आमला में आयोजित कार्यक्रम में श्रीलंका के कानून मंत्री सहित लगभग 11 देशों के सर्वधर्म प्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही श्रीलंका से तथागत बुद्ध की अस्थियां भी आएगी।

निशा बांगरे को भेजी चिट्ठी

25 जून को गगन मलिक फाउंडेशन द्वारा आमला में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सर्वधर्म शांति सम्मेलन एवं विश्व शांति पुरस्कार सम्मान समारोह तथा सर्वधर्म शांति एवं शिक्षा केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम सहित सर्वधर्म समभाव यात्रा में शामिल होने की अनुमति के लिए डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने 19 मई को म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग को आवेदन दिया था, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग ने डिप्टी कलेक्टर द्वारा चाही गई अनुमति के कृत्यों को म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 9 (2) के अंतर्गत अनुमत्य नहीं होने एवं नियम 16 (2) के अंतर्गत अनमत्य गतिविधियों में शामिल नहीं होने का हवाला देकर नियमों के आलोक में कार्यक्रमों/ यात्रा में शामिल होने की अनुमति प्रदान नहीं की गई। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव (कार्मिक) एसके सेंद्रे ने अनुमति नहीं देने का पत्र 15 जून को डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को भेजा है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुलताई ने उक्त पत्र आमला तहसीलदार के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को तामिल कराया गया है।

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