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  • 26 Lakhs Were Snatched By Telling The Scheme Of Doubling, Got The Friend’s Car Attached, Neither Returned The Car Nor Paid The Rent

इंदौर33 मिनट पहले

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इंदौर में शेयर-कमोडिटी का काम करने वाली महिला द्वारा रुपए दोगुना करने के नाम ठगी का मामला सामने आया है। महिला ने अपने ही परिचित को एक साल में रुपए डबल करने का लालच दिया। अलग-अलग समय में परिचित गैरेज मालिक ने महिला को 26 लाख रुपए दिए पर महिला ने नहीं लौटाए। इतना ही नहीं गैरेज मालिक ने अपने दोस्त की कार भी ठग महिला को किराए पर दी, लेकिन महिला ने कार लौटाई न किराया दिया।

गैरेज मालिक ने राऊ थाना पुलिस से शिकायत कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर गुरुवार देर रात महिला को गिरफ्तार कर लिया। इस धारा के तहत पुलिस महिला का अकाउंट व प्रॉपर्टी सीज कर पैसा वसूलेगी।

शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुवार देर रात आरोपी महिला जीनत पति साजिद हुसैन, निवासी वास्तु अपार्टमेंट, इक्का पाइंट, राऊ, इंदौर को राऊ पुलिस ने गिरफ्ता कर लिया।

शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुवार देर रात आरोपी महिला जीनत पति साजिद हुसैन, निवासी वास्तु अपार्टमेंट, इक्का पाइंट, राऊ, इंदौर को राऊ पुलिस ने गिरफ्ता कर लिया।

पहले ये जान लीजिए कैसे भरोसे में आया गैरेज मालिक

पीड़ित शिकायतकर्ता का नाम आरिफ खान निवासी राम रहीम कॉलोनी, राऊ है। आरिफ के घर उसकी सास अफ्शा खान 26 जनवरी 2022 को अपने साथ एक महिला को लाई। सास अफ्शा ने महिला का परिचय कराते हुए कहा कि इसका नाम जीनत हुसैन है। यह शेयर और कामोडिटी में कारोबार करती है। इसके बाद जीनत ने अपने कामकाज के बारे में बताते हुए आरिफ से कहा कि वह क्रूड ऑयल और गोल्ड ट्रेडिंग में काम करती है। इसमें इन्वेस्ट करने पर हर माह 10 से 15 प्रतिशत का मुनाफा होता है। यानी एक साल में पैसा डबल होने के चांस रहते हैं।

अब शुरू हुआ ठगी का खेल, एक साल में करीब 26 लाख रुपए ले लिए

आरिफ ने पुलिस को बताया कि चूंकि जीनत आरिफ की सास के साथ आई थी इसलिए उसने जीनत पर भरोसा किया। शुरुआत में एक लाख रुपए कैश जीनत को दिए। कुछ दिन में जीनत ने एक के बदले डेढ़ लाख रुपए आरिफ को रिटर्न कर दिए। इससे आरिफ को अच्छे रिटर्न की उम्मीद बंध गई और जीनत पर पक्का भरोसा हो गया। आरिफ ने जीनत के कहने पर उसके एक्सिस बैंक और बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट में फरवरी 2022 से मार्च 2023 के बीच 12 लाख 83 हजार का पेमेंट कर दिया। आरिफ ने अपने दोस्त मोहम्मद शफीक से भी 5 लाख का चेक लेकर जीनत को दे दिया। 2 मार्च 2022 को 7 लाख रुपए और 6 मार्च को 1 लाख रुपए एनएफटी किए। ये पैसे आरिफ ने मोहम्मद अवास नाम के व्यक्ति का अकाउंट में ट्रांसफर किए। इसका अकाउंट जीनत ने ही आरिफ को उपलब्ध कराया। आरिफ ने पुलिस को बताया कि एक साल में उसने 25 लाख 83 हजार रुपए जीनत और उसके बताए गए व्यक्तियों के अकाउंट में ट्रांसफर किए। बदले में जीनत ने अब तक 4 लाख 17 हजार रुपए रिटर्न किए।

नवंबर में तीन महीने का रिटर्न बताकर फिर इन्वेस्ट करा लिया

आरिफ ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2022 में उसने जीनत से पैसे मांगे। इस पर जीनत ने कहा कि उसका पैसा बढ़कर 52 लाख रुपए हो गए हैं। आरिफ ने पैसे मांगे तो जीनत ने कहा उसके पास नई स्कीम आई है। इस स्कीम में तीन महीने में ही पैसा डबल हो जाएगा। बातों में आकर आरिफ ने अपना पैसा उसी स्कीम में लगाने का कह दिया। तीन माह बाद मार्च 2023 में जीनत ने मार्च क्लोजिंग का कहकर पहले 10 फिर 17 अप्रैल को पैसे देने का कहा। आरिफ ने बताया जीनत लगातार नई तारीख दे देती। पर पैसा रिटर्न नहीं किया।

आरोपी महिला जीनत पर पुलिस ने अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत आरोपी के अकाउंट सीज करने का प्रावधान है। वहीं प्रॉपर्टी भी कब्जे में लेकर पैसा दिलाने का प्रावधान है।

आरोपी महिला जीनत पर पुलिस ने अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत आरोपी के अकाउंट सीज करने का प्रावधान है। वहीं प्रॉपर्टी भी कब्जे में लेकर पैसा दिलाने का प्रावधान है।

दोस्त की कार भी लगा दी ठिकाने
आरिफ खान ने बताया कि ज़ीनत ने कहा था कि उसे बिजनेस के चलते कई शहरों की यात्राएं करना होती हैं। इसके लिए किराए की कार की जरूरत पड़ती है। इस पर आरिफ ने दोस्त सद्दाम की कार MP09WD2357 को 30 हजार रुपए महीना किराए पर लगा दी। ज़ीनत ने कार का जमकर उपयोग किया, लेकिन शुरुआती पांच माह का किराया दिया फिर सात महीने तक किराया भी नहीं दिया। आरिफ ने जब कार मांगी तो उसने कार को घर पर रखना बंद कर दिया। और कार लौटाने से भी इंकार कर दिया।

अकाउंट सीज कर जांच करेगी पुलिस

डीसीपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि मामला बुधवार को राऊ थाने में आया है। शिकायतकर्ता आरिफ ने कुछ समय पहले सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच की लेकिन कौन सी धाराओं में केस दर्ज करें ये स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। फिर हमने अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत आरोपी के अकाउंट सीज करने का प्रावधान है। वहीं प्रॉपर्टी भी कब्जे में लेकर पैसा दिलाने का प्रावधान है।

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