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पवन दीक्षित (भिंड)35 मिनट पहले

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मध्यप्रदेश के भिंड की रहने वाली एक युवती की 5 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है। परिवार वाले उसका अंतिम संस्कार भी कर देते हैं। घरवालों ने न तो पुलिस को इसकी सूचना दी और न ही उसका पोस्टमॉर्टम कराया। मामले में नया मोड़ तब आया, जब भिंड के दबोह थाना क्षेत्र के रहने वाले युवक निखिल प्रताप ने डीआईजी, भिंड, मुरैना और ग्वालियर के एसपी को आवेदन दिया। उसने आरोप लगाया कि युवती की मौत सामान्य नहीं, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उसके घरवालों ने ही उसे मारा है। उसने इसे ऑनर किलिंग बताते हुए जांच की मांग की।

निखिल ने युवती को अपनी गर्लफ्रेंड बताया। उसने शिकायत में कहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से दोस्ती थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन यह बात युवती के परिवार वालों को पसंद नहीं थी। निखिल ने पुलिस को पेन ड्राइव में ऑडियो भी उपलब्ध करवाया है। इसमें साक्षी और उसके चाचा करू यादव की बातचीत है। इसमें करू यादव भतीजी को परिवार की इज्जत की दुहाई देते हुए धमका रहे हैं। वह कह रहे हैं कि बेटी इज्जत की भीख दे दे। किसी की जान लेनी पड़ेगी। साक्षी कह रही है कि मेरे कारण ही पूरी समस्या हुई है तो मुझे ही मार डालो। कुछ दिन बाद ही उसकी मौत हो गई।

भिंड के आलमपुर के संसीगढ़ गांव की रहने वाली साक्षी यादव, जिसकी मौत 5 मई को बीमारी की वजह से बताई जा रही है। साक्षी के बॉयफ्रेंड ने मौत को ऑनर किलिंग बताते हुए डीआईजी समेत भिंड, मुरैना और ग्वालियर जिले के एसपी को आवेदन देकर जांच की मांग की है।

भिंड के आलमपुर के संसीगढ़ गांव की रहने वाली साक्षी यादव, जिसकी मौत 5 मई को बीमारी की वजह से बताई जा रही है। साक्षी के बॉयफ्रेंड ने मौत को ऑनर किलिंग बताते हुए डीआईजी समेत भिंड, मुरैना और ग्वालियर जिले के एसपी को आवेदन देकर जांच की मांग की है।

दैनिक भास्कर की टीम साक्षी यादव के बॉयफ्रेंड निखिल प्रताप कौरव के गांव अंधियारी नंबर दो पहुंची। साक्षी के परिवार वालों पर लगाए गए आरोपों को लेकर निखिल से बात की। उसने बेबाकी से मामले की जानकारी दी। उसने कुछ कॉल रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई, जिसमें साक्षी को उसके चाचा करू यादव समझाते हैं। जब साक्षी उनकी बात नहीं मानती है, तो देख लेने की धमकी भी देते हैं।

जानते हैं निखिल की जुबानी साक्षी की मौत की मिस्ट्री…

मैं निखिल प्रताप पुत्र मलखान सिंह कौरव भिंड के अंधियारी नंबर दो दबोह का रहने वाला हूं। साक्षी अपनी मां सीमा यादव के साथ दबोह में ही रहती थी। साक्षी के पिता रामकुमार यादव की मौत हो चुकी है। साक्षी और मैं 12वीं क्लास में साथ पढ़ते थे। 5 मई को मुझे पता चला कि उसकी मौत साधारण नहीं, बल्कि ऑनर किलिंग की गई है।

साक्षी मेरी दोस्त थी। वो मुझे चाहती थी। मुझसे प्यार करती थी। एक दिन उसने मुझे प्रपोज किया। यह बात 2022 के शुरुआती महीने की है। तब मैंने उससे कहा कि अभी हमारी शादी की उम्र नहीं हुई है। साक्षी ने कहा कि अभी सगाई तो हो सकती है। मैंने उसे समझाया। कहा कि तुम अपनी मां से बात कर लो। मां से बात करने के बाद साक्षी ने कहा कि मेरे पापा नही हैं, इसलिए घर में चाचा की चलती है। मेरे परिवार में कोई भी इस शादी के लिए तैयार नहीं है।

घर में शादी की बात करने के बाद से ही साक्षी पर परिवारवाले बंदिश लगाने लगे। उसकी मां और परिवार के दूसरे लाेग लाखन यादव, डॉ. अमित यादव, अक्कू यादव, मान सिंह यादव और अरुण यादव दूसरी जगह शादी के लिए उसपर दबाव डालने लगे। जब साक्षी ने दूसरी जगह शादी करने से मना किया, तो उसके साथ मारपीट की जाने लगी।

साक्षी को उसके परिवार के लोग धमकाते थे कि बात नहीं मानी, तो जान से खत्म करना पड़ेगा। वे लोग उसकी पढ़ाई-लिखाई भी बंद कराना चाहते थे। उस समय वह नाबालिग थी। मुझसे प्यार करती थी, इसलिए उसने परिवार वालों की मर्जी से शादी करने से मना कर दिया। उस समय वह दुःखी और परेशान थी। मैंने उसे समझाया था। कहा था कि घरवालों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास करो।

घरवालों की प्रताड़ना से तंग आकर 1 सितंबर 2022 को वह अचानक घर छोड़कर कहीं चली गई। उसकी मां सीमा यादव और भाई आयुष यादव ने ग्वालियर के थाना सिरौल में 4 सितंबर 2022 को FIR दर्ज कराई। इस मामले में संदेही के रूप में मेरा नाम लिखाया गया। 14 सितंबर 2022 को पुलिस ने ग्वालियर से उसे बरामद कर लिया। उसे वन स्टॉप सेंटर ग्वालियर में रखा गया।

साक्षी ने ग्वालियर कोर्ट में धारा 164 के तहत अपने बयान में अपनी मां और अन्य परिवार के लोगों से जान का खतरा बताकर घर जाने से मना कर दिया। इसी वजह से साक्षी को ग्वालियर कोर्ट के आदेश से नारी निकेतन व बाल कल्याण समिति ग्वालियर भेज दिया गया। इसी दौरान साक्षी का स्थानांतरण नारी निकेतन / बाल कल्याण समिति ग्वालियर से बाल कल्याण समिति मुरैना कर दिया गया।

साक्षी के दोस्त निखिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में 12वीं क्लास में पढ़ाई करने के दौरान साक्षी के साथ दोस्ती से लेकर उसकी मौत तक की पूरी कहानी बताई।

साक्षी के दोस्त निखिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में 12वीं क्लास में पढ़ाई करने के दौरान साक्षी के साथ दोस्ती से लेकर उसकी मौत तक की पूरी कहानी बताई।

19 अप्रैल 2023 को बाल कल्याण समिति मुरैना की तत्कालीन अध्यक्ष कुसुम ने साक्षी को बिना उसकी सहमति के दीदार कॉलोनी डबरा के रहने वाले उसके मामा रामकुमार यादव और मामी जूली यादव को सौंप दिया। 15 दिन के लिए मामा-मामी को सौंपने के दौरान शर्त रखी गई थी कि बाल कल्याण समिति की अनुमति के बिना उसे ग्वालियर की सीमा से बाहर नहीं ले जाएंगे।

यहां बड़ा सवाल है कि जब साक्षी को ग्वालियर कोर्ट के आदेश से बाल कल्याण समिति ग्वालियर में रखा गया था, तब किस सक्षम न्यायालय के आदेश से बाल कल्याण समिति मुरैना ने उसे उसके मामा-मामी के हवाले कर दिया?

19 सितंबर 2023 से 15 दिन बाद 4 मई 2023 को साक्षी को बाल कल्याण समिति के सामने उपस्थित करना था, लेकिन उसके मामा-मामी ने उसे पेश नहीं किया। इस बिंदु की भी जांच की जानी चाहिए कि 4 मई 2023 को उसे क्यों उपस्थित नहीं किया गया।

19 सितंबर के बाद और 4 मई के पहले मामा राजकुमार व मामी जूली यादव ने किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना ही साक्षी यादव को उसकी मां सीमा यादव और परिवार के अन्य लोगों लाखन सिंह यादव, मान सिंह यादव, डॉ. अमित यादव, अरुण यादव, करू यादव और अक्कू यादव के सुपुर्द कर दिया। ये लोग साक्षी को ग्वालियर जिला की सीमा से बाहर अपने गांव संसीगढ़ लेकर चले गए।

5 मई को साक्षी यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। साक्षी की मौत के बाद मैंने अपने स्तर से जानकारी जुटाई तो पता चला कि षड्यंत्रपूर्वक सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या कर लाश को संसीगढ़ में घर के पीछे खेत में जलाकर साक्ष्य मिटाया गया है।

मैंने 8 मई को थाना प्रभारी आलमपुर केदार यादव से मिलकर घटना की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इस वजह से 9 मई को आईजी ग्वालियर और 10 मई को अनुविभागीय अधिकारी लहार को आवेदन देकर जांच कराने की मांग की है।

(जैसा कि साक्षी के बॉयफ्रेंड निखिल ने भिंड, मुरैना और ग्वालियर एसपी को दिए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है।)

भिंड के अंधियारी नंबर दो दबोह के रहने वाले निखिल प्रताप कौरव का आरोप है कि साक्षी की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। वो मुझसे शादी करना चाहती थी, लेकिन दोनों का समाज अलग होने की वजह से साक्षी के परिवार वाले विरोध कर रहे थे।

भिंड के अंधियारी नंबर दो दबोह के रहने वाले निखिल प्रताप कौरव का आरोप है कि साक्षी की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। वो मुझसे शादी करना चाहती थी, लेकिन दोनों का समाज अलग होने की वजह से साक्षी के परिवार वाले विरोध कर रहे थे।

थाना प्रभारी ने धमकाया- नेतागिरी करोगे तो फंसा देंगे

निखिल ने बताया, आवेदन देने के बाद मैं फिर से आलमपुर के थाना प्रभारी केदार सिंह मिला। उन्होंने कहा कि साक्षी बीमार थी। उसका इलाज मां कैलादेवी हॉस्पिटल, लश्कर (ग्वालियर) में चल रहा था। इलाज के दौरान ही 5 मई को बीमारी के चलते मौत हो गई। इलाज के पर्चे व उसका मृत्यु प्रमाण-पत्र मिल गया है। तुम्हें क्या लेना-देना, लड़की उनकी थी। जांच चल रही है। यदि तुम ज्यादा नेतागिरी करोगे, तो तुम्हें फंसा देंगे। इसके बाद साक्षी के परिवार वालों से भी मुझे जान से मारने धमकी मिली। साक्षी की हत्या के बाद उसके परिवार वाले ग्राम पंचायत से मृत्यु प्रमाण-पत्र तैयार कर फरार हो गए हैं।

केदार यादव भी अपने समाज का मामला होने की वजह से साक्षी के परिवार वालों का सहयोग कर रहे हैं। वे इस ऑनर किलिंग की निष्पक्ष जांच नहीं होने दे रहे हैं। निखिल ने अपने आवेदन में मांग की है कि केदार यादव से मामला लेकर किसी निष्पक्ष वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाए, ताकि साक्षी की हत्या का राज सामने आ सके। साक्षी की मौत नेचुरल डेथ नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत हुई है।

निखिल ने साक्षी की मौत पर यह सवाल उठाए

  • साक्षी नाबालिग थी, इसलिए उसे ग्वालियर न्यायालय के आदेश से बाल कल्याण समिति ग्वालियर की अभिरक्षा में भेजा गया था। ऐसी दशा में उसे बाल कल्याण समिति मुरैना के लिए सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना नहीं भेजा जाना चाहिए था। किस आदेश और किस विधिक प्रक्रिया के तहत साक्षी का स्थानांतरण ग्वालियर से मुरैना किया गया है, इसकी जांच होनी चाहिए।
  • जब साक्षी को ग्वालियर न्यायालय के आदेश से बाल संरक्षण गृह ग्वालियर में रखा गया था, तब उसे न्यायालय के आदेश से ही परिवार के सुपुर्द किया जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं हुआ?
  • साक्षी ने ग्वालियर न्यायालय में परिवार के लोगों से जान का खतरा बताकर उनके साथ जाने से मना किया था। इसी वजह से उसे बाल कल्याण समिति ग्वालियर भेजा गया। ऐसी स्थिति में अपने मामा-मामी के साथ स्वेच्छा से जाने की इच्छा जताना संभव नहीं है। इसके बावजूद बिना सक्षम न्यायालय के आदेश के उसके मामा-मामी के सुपुर्द क्यों किया गया?
  • जब बाल कल्याण समिति मुरैना ने साक्षी को उसके मामा-मामी को 15 दिन के लिए सौंपा था। उसे 4 मई को उपस्थित होना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
  • अगर साक्षी बीमार थी, तो इसकी सूचना बाल कल्याण समिति मुरैना को क्यों नही दी गई? सुपुर्दगी की शर्तों का उल्लंघन करने पर साक्षी के मामा-मामी के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है?

साक्षी के चाचा ने फोन पर धमकाया था, ऑडियो निखिल के पास

निखिल ने बताया कि जब साक्षी बाल कल्याण समिति मुरैना में थी, उसी दौरान वहां पदस्थ महिला कर्मचारी हिमानी शर्मा के मोबाइल पर चाचा करू यादव और मां सीमा यादव ने साक्षी से बात की थी। इस दौरान दोनों ने साक्षी को जान से मारने की धमकी दी।

वहीं, साक्षी की हत्या के बाद मां सीमा यादव ने हिमानी शर्मा को फोन लगाकर बताया कि बीमारी के चलते अचानक साक्षी की मौत हो गई है। तब हिमानी शर्मा ने सीमा यादव से कहा कि तुम लोगों ने साक्षी की हत्या कर दी है। मैं तुम्हारे खिलाफ शिकायत करूंगी। इस बातचीत की वॉइस रिकॉर्डिंग हिमानी शर्मा के मोबाइल में है। निखिल ने पुलिस को दिए आवेदन में मोबाइल पर हुई इस बातचीत का ऑडियो भी पेन ड्राइव में सौंपा है।

भिंड के आलमपुर के संसीगढ़ गांव में इन दिनों साक्षी की मौत को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। हालांकि, कोई भी इस मामले को लेकर कैमरे के सामने नहीं बोलना चाहता है।

भिंड के आलमपुर के संसीगढ़ गांव में इन दिनों साक्षी की मौत को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। हालांकि, कोई भी इस मामले को लेकर कैमरे के सामने नहीं बोलना चाहता है।

बालिग होते ही परिवार वालों ने रचा षड्यंत्र

निखिल ने बताया कि साक्षी का जन्मदिन 20 अप्रैल को था। नियमानुसार 19 अप्रैल को साक्षी की उम्र 18 साल हो गई थी। बालिग होने के बाद वो अपनी मर्जी से शादी कर सकती थी। इसी बात का डर उसके परिवार वालों को सता रहा था। यही वजह है कि 19 अप्रैल को ही बाल कल्याण समिति मुरैना से उसके मामा-मामी निकालकर ले गए। 15 दिन बाद वापस 4 मई को समिति के सुपुर्द किया जाना था। 5 मई 2023 की शाम को साक्षी की हत्या कर दी गई। रात करीब 12 बजे साक्षी का शव घर के पीछे खेत में जला दिया गया।

सबूत मिटाने के लिए खेत में पानी डालकर जुताई कर दी

संसीगढ़ गांव के लोगों ने रात के समय खलिहानों में काम करते हुए खेत के पीछे शव को जलता देखा है। दूसरे दिन साक्ष्य मिटाने के लिए अंतिम संस्कार की राख को खेत से हटाकर पानी डालकर खेत की जुताई कर दी जाती है। निखिल का कहना है कि साक्षी मुझसे प्रेम करती थी। मैं भी उसे शादी करने के लिए तैयार था। अंतरजातीय विवाह रोकने के लिए बालिग होते ही अनुरक्षण गृह से निकालकर पूरी प्लानिंग के तहत परिवार के लोगों ने ऑनर किलिंग को अंजाम दिया है।

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घर के पीछे शव जलाकर नष्ट किया सबूत

साक्षी की मौत के बाद ग्राम पंचायत संसीगढ़ की ओर से किस आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। पूछताछ की जानी चाहिए कि अंतिम संस्कार में कौन-कौन लोग शामिल थे। हत्या के बाद अपने घर के पीछे खेत में शव को जलाकर सबूत नष्ट कर दिया गया। यही वजह है कि साक्षी के अंतिम संस्कार में गांव का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं हुआ था। अपनी शिकायत में साक्षी के प्रेमी निखिल ने कहा है कि इस मामले का खुलासा होने के भय से आरोपी उसे भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार धमकियां मिल चुकी हैं।

साक्षी के बॉयफ्रेंड निखिल प्रताप कौरव ने डीआईजी समेत भिंड, मुरैना और ग्वालियर के एसपी को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले में एसआईटी का गठन कर दिया गया है।

साक्षी के बॉयफ्रेंड निखिल प्रताप कौरव ने डीआईजी समेत भिंड, मुरैना और ग्वालियर के एसपी को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले में एसआईटी का गठन कर दिया गया है।

भिंड एसपी ने गठित की एसआईटी

भिंड एसपी मनीष खत्री ने 20 दिन पहले ही इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। इस एसआईटी में 4 थानों के प्रभारियों को शामिल किया गया है। जांच के प्रभारी एसडीओपी अवनीश बंसल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साक्षी के बॉयफ्रेंड ने आलमपुर थाना प्रभारी पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है, इसलिए उन्हें इस जांच कमेटी से दूर रखा गया है।

एसपी को पत्र लिखा, जांच चल रही है : संदीपा मल्होत्रा

CWC ग्वालियर की अध्यक्ष संदीपा मल्होत्रा मे ने बताया कि लड़की अपने मामा के साथ जाने की जिद कर रही थी। उन दिनों में छुट्‌टी पर थी। समिति के लोगों ने पूछताछ करने के बाद कुछ दिनों के लिए लड़की को उसके मामा-मामी के साथ भेज दिया था। जैसे ही, मुझे सूचना मिली कि लड़की के साथ कुछ हो गया है। मैंने लड़की के मामा-मामी को फोन किया। कहा कि तुरंत लड़की को प्रस्तुत करें। इसके बाद मैंने एसपी को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की। जांच टीम गठित हो गई है। बहुत ही ब्रिलियंट लड़की थी।

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