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भोपाल38 मिनट पहलेलेखक: मनीष व्यास

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हेमा का फार्म हाउस बनाने वाले ठेकेदार अमर पंडित ने यह शिकायत डीजीपी से की थी। भास्कर के पास अमर और जनार्दन के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और चैट उपलब्ध हैं।  - Dainik Bhaskar

हेमा का फार्म हाउस बनाने वाले ठेकेदार अमर पंडित ने यह शिकायत डीजीपी से की थी। भास्कर के पास अमर और जनार्दन के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और चैट उपलब्ध हैं। 

  • एक महिला संविदा इंजीनियर ने चंद सालों में करोड़ों का साम्राज्य कैसे खड़ा कर लिया, इसके पीछे किसका हाथ है

30 हजार रुपए वेतन पाने वाली पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की बर्खास्त असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा की करोड़ों की संपत्ति चर्चा में है। लेकिन, करोड़ों के इस साम्राज्य के पीछे पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के इंजीनियर जनार्दन की कृपा बताई जा रही है। दोनों के करीबी रिश्तों की तो चर्चा पहले से है। लेकिन, जनार्दन की कृपा की तमाम कड़ियां हेमा की प्रॉपर्टी से जुड़ रही हैं। सूत्रों के मुतबिक हेमा के वेयर हाउस और डॉग फार्म समेत तीन प्रॉपर्टी का निर्माण जनार्दन के जरिये हुआ।

लोकायुक्त जांच के बीच भास्कर ने यह निर्माण करने वाले ठेकेदार अमर पंडित से बातचीत की तो पता चला कि हेमा और जनार्दन ने उनसे तीन प्रॉपर्टी पर काम कराया। जनार्दन रोज फोन कॉल्स और वॉट्सऐप पर इनका अपडेट लेता था। लेकिन, निर्माण कार्य का 53 लाख रुपए नहीं दिया। इस संबंध में डीजीपी और सीएम तक जनार्दन और हेमा के नाम से शिकायत की, पर कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, जनार्दन ने इससे इंकार किया है। वह कितना पाॅवरफुल है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोकायुक्त को जो शिकायतें मिली हैं, उनमें जनार्दन का भी नाम था, लेकिन अब तक वह जांच के दायरे में नहीं आया है। हालांकि, लोकायुक्त टीम का कहना है कि हम कनेक्शन खंगाल रहे हैं। भास्कर से बातचीत में जनार्दन ने माना है कि हेमा और उसके पारिवारिक रिश्ते हैं। बता दें कि हेमा पहले शंभू नाम के एक पेट्री कॉन्ट्रैक्टर के साथ लिव इन में रहती थी। 2015-16 में शंभू और हेमा के रिश्तों में दरार आ गई। शंभू का आरोप था कि जनार्दन के चलते ही उसका रिश्ता टूटा था।

तीन कारण- जो हेमा की प्रॉपर्टी में जनार्दन का कनेक्शन साबित करते हैं

  1. जनार्दन का हेमा के फार्म हाउस पर आना-जाना था।
  2. फार्म हाउस के बारे में ठेकेदार से रोज अपडेट लेना
  3. फुटेज में भी जनार्दन के आने जाने की पुष्टि

और ये भी- दो शिकायतें, दोनों में ही दोनों पर लगे आरोप

  1. पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में पेटी कांट्रेक्टर शंभु ओर हेमा लिव इन में थे। उसने ही जनार्दन से हेमा की नौकरी की बात कर मिलवाया था। बाद में शंभू और हेमा के बीच ब्रेकअप हो गया। शंभू इसके लिए जनार्दन को जिम्मेदार ठहराता है। उसने ही लोकायुक्त-ईओडब्ल्यू में हेमा और जनार्दन की शिकायत की थी।
  2. भोपाल के अमर पंडित ने हेमा के डॉग फार्म, विदिशा स्थित वेयरहाउस और फार्महाउस का निर्माण किया। आरोप है कि जनार्दन ही निर्माण के पूरे अपडेट्स लेता था। तीन साइट्स पर करीब 58 लाख खर्च आया। भुगतान के नाम पर जनार्दन ने सिर्फ 4.90 लाख का पेमेंट किया। उससे जबरन नो ड्यूज पर साइन करा लिए।

मेरा हेमा और उसके परिवार से संबंध, मैं फार्म हाउस कुत्तों और गायों की सेवा करने जाता हूं- जनार्दन सिंह

भास्कर- क्या आप हेमा को जानते हैं?
जनार्दन- हां जानता हूं। वह पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में मेरे अधीनस्थ संविदा सहायक यंत्री के पद पर कार्यरत थीं।

भास्कर- उससे आपके रिश्ते कैसे थे?
जनार्दन- हेमा ने परिवार से मिलवाया था। बाद में उनके पिता एवं परिवार से पारिवारिक संबंध जैसा परिचय हुआ। अब पारिवारिक संबंध हैं।

भास्कर- वह शंभू के साथ लिव इन में थीं, आरोप है कि आपने ही दोनों को अलग कराया था ?
जनार्दन- हेमा के पिता रामस्वरूप मीना ने मुझे बताया था कि शंभू सिंह हेमा को ब्लैकमेल कर शोषण कर रहा है। उसकी शादी नहीं होने दे रहा है। अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके शंभू सिंह से हेमा को मुक्त करवा दीजिये। मैंने शंभू से बात कर दोनों का राजीनामा करवाया था।

भास्कर- हेमा का जो फार्म हाउस है वो आपका ही साम्राज्य है, आप वहां आते-जाते रहते थे, फुटेज में हैं?
जनार्दन- फार्महाउस मेरा नहीं है। वह उनका पारीवारिक है। मुझे बदनाम करने की दृृष्टि से दुष्प्रचार किया जा रहा है। वहां हेमा कुत्तों को पालती हैं और परिजन गौपालन करते हैं। कुत्तों का सामान्य उपचार तथा गाय को रोटी खिलाने मैं वहां पर आता-जाता हूं।

डीजीपी को शिकायत

हेमा का फार्म हाउस बनाने वाले ठेकेदार अमर पंडित ने यह शिकायत डीजीपी से की थी। भास्कर के पास अमर और जनार्दन के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और चैट उपलब्ध हैं।

पहली बार हेमा ने दी सफाई- प्रॉपर्टी मेरे पिता की, जनार्दन से पारिवारिक संबंध

नौकरी लगने के बाद मेरे पिता कार्यालय आए तो जनार्दन से मिले। हमारे पारिवारिक रिश्ते बन गए थे। जो भी आरोप हैं वो बेबुनियाद और निराधार हैं। शंभू से 2015-16 में ही संबंध विच्छेद हो गए थे, क्योंकि वो शादीशुदा था और मुझ पर साथ रहने का दबाव बना रहा था। जनार्दन ने मदद की। समझौता होने पर शंभू ने पापा से पैसे भी लिए थे। मेरे पास जो भी प्रॉपर्टी है, पापा की है।

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