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अनूपपुर37 मिनट पहले

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लोकायुक्त कार्यालय रीवा की 3 सदस्यीय टीम मंगलवार को अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद बिजुरी पहुंची। यहां 3 आरोपियों के घर दबिश भी दी, लेकिन आरोपी टीम के हाथ नहीं लगे। लोकायुक्त की टीम ने पूछताछ करने के संबंधित दस्तावेजों का निरीक्षण करने के साथ ही बिजुरी थाने पहुंचकर संबंधित अपराध के संबंध में थाना प्रभारी से चर्चा की।

7 करोड़ 29 लाख रुपए के भ्रष्टाचार का मामला

दरअसल, लोकायुक्त रीवा ने 7 करोड़ 29 लाख रुपए के भ्रष्टाचार के मामले में 31 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं पर अपराध दर्ज किया हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लगातार प्रयास किए जा रहे है। लोकायुक्त टीम बिजुरी नगर पहुंचकर कई आरोपियों की तलाश करने के लिए आरोपियों के घर खंगाल रही है, लेकिन अभी तक कोई भी पुलिस की पहुंच में नहीं आ पाया है। लोकायुक्त रीवा निरीक्षक जिया उल हक ने बताया कि यदि आगे और लोगों के खिलाफ साक्ष्य पाए जाते है तो उनके विरुद्ध भी अपराध दर्ज किया जाएगा।

कई कामों के लिए किया मनमाना भुगतान

राकेश द्विवेदी ने कार्यालय रीवा में नगर पालिका बिजुरी में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। लोकायुक्त की टीम ने मौखिक साक्ष्य एवं दस्तावेजों का संकलन किया। इसके आधार पर बिजुरी में निर्माण कार्यों और खरीददारी में व्यापक पैमाने पर जेम पोर्टल के माध्यम से सोलर लाइट कम करने, सीसी रोड निर्माण कार्य, आरसीसी नाली और खरीददारी में संबंधित फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों के विपरीत निविदा जारी कर मनमाना भुगतान किया गया।

सामग्री प्राप्त नहीं होने पर भी नगर पारिषद बिजुरी ने मात्र कागजों के आधार पर करोड़ों रुपए का भुगतान संबंधित ठेकेदारों, परिषद सदस्यों के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेराफेरी की। इससे शासन को लगभग 7 करोड़ 29 लाख रुपए की आर्थिक क्षति होना प्रमाणित पाया गया। इसकी विवेचना में और अधिक आर्थिक गबन निकलने की आशंका है।

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