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ग्वालियर2 घंटे पहले

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छात्रा खुशबू जिसकी कोविड से मौत हुई

  • – कमलाराजा अस्पताल में तोड़ा दम

ग्वालियर में लगभग एक साल बाद कोरोना संक्रमित की मौत हुई है। 22 साल की छात्रा लिवर और किड्नी में इंफेक्शन के चलते बीते एक सप्ताह से प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थी। दो दिन पहले उसका कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद आईटीएम हॉस्पिटल से उसे कमलाराजा अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। यहां शनिवार दोपहर छात्रा की मौत हो जाने पर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।

शनिवार को ही छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया है।कोरोना संक्रमित की मौत के बाद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग किसी ने भी कोई गाइड लाइन का पालन नहीं किया है। इधर छात्रा की चाची का आरोप है कि प्राइवेट हॉस्पिटल ने अपनी आफत टालने के लिए बिना वजह उसे कोरोना संक्रमित निकलवा दिया है। कमला राजा अस्पताल में कोविड के इलाज के लिए भी कोई इंतजाम नहीं है।

ग्वालियर में कोविड संक्रमण पिछले आठ से दस में तेजी से फेल रहा है। बीते 9 दिन मंे 65 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें 8 साल का बच्चा से लेकर 78 साल का वृद्ध तक शामिल है। पर रविवार शाम उस समय सनसनी फेल गई जब स्वास्थ्य विभाग ने अपने अधिकृत बुलेटिन में काेविड से एक मौत की पुष्टि की। असल में ग्वालियर के लश्कर सर्किल स्थित दानाओली निवासी 22 साल की छात्रा खुशबू पुत्री गिरीश शर्मा की शनिवार दोपहर कमलाराजा अस्पताल में मौत हो गई थी। दो दिन पहले वह कोरोना संक्रमित आई थी। शनिवार को ही उसका बिना कोई कोविड गाइड लाइन का पालन किए अंतिम संस्कार कर दिया गया। रविवार शाम को स्वास्थय विभाग ने कोरोना से मौत की पुष्टि करते हुए बुलेटिन जारी किया है।
लिवर और किड्नी में था संक्रमण
– कोरोना संक्रमित आने से पहले ही खुशबू की हालत नाजुक थी। खुशबू की चाची मंजू शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले खुशबू को पैर में गांठ हुई थी। जिसका ऑपरेशन कराया था। उसके बाद से खुशबू की तबीयत बिगड़ती चली गई थी। बीते रविवार को उसे ललितपुर कॉलोनी स्थित बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां टेस्ट में पता लगा कि खुशबू की किड्नी और लिवर में इंफेक्शन है। इसके बाद उसका इलाज चला फिर आयुष्मान कार्ड की मदद से इ लाज के लिए आईटीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां शुक्रवार शाम को डॉक्टरांे ने उसे कोरोना संक्रमित बताते हुए वेंटीलेटर एम्बुलेंस से कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने बुलाकर हमें शव दे दिया। कोई गाइड लाइन का पालन करने की सलाह नहीं दी। इसके बाद शनिवार को ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजन ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
– मृतका खुशबू शर्मा के पिता नहीं है। मां के अलावा एक बहन और भाई है। खुशबू की चाची मंजू शर्मा ने बताया कि प्राइवेट हॉस्पिटल से लेकर कमलाराजा अस्पताल तक सभी ने इलाज में लापरवाही बरती। कमलाराजा अस्पताल में वेंटीलेटर ही नहीं लगाया। डॉक्टरों का रवैया ऐसा था कि वो कुछ करना ही नहीं चाहते हैं। उनकी भतीजीे को कोविड नहीं था, लेकिन प्राइवेट हॉस्पिटल को पैसे नहीं मिल रहे थे इसलिए उन्होंने कोरोना संक्रमित बताकर कमलाराजा में ट्रांसफर कर दिया।
रविवार को 8 नए संक्रमित मिले
– रविवार को ग्वालियर में 8 नए संक्रमित मिले हैं। जिनमें चार महिलाएं व चार पुरुष हैं। रविवार को कोविड पॉजिटिव आने वालों में 60 साल का बुजुर्ग और 20 साल की छात्रा है। रविवार को 8 संक्रमित डिस्चार्ज भी हुए हैं। जिसके बाद एक्टिव केस की संख्या 44 पर पहुंच गई है।

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