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रीवाएक घंटा पहले

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संयुक्त किसान मोर्चा की रीवा संभाग इकाई ने कलेक्ट्रेट के समक्ष जारी महापड़ाव आंदोलन में काली पट्टी बांधकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। मोर्चा के संयोजक शिव सिंह ने बताया कि संसद भवन उद्घाटन के दिन महिला कुश्ती खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार की निंदा की। कहा कि महिला कुश्ती खिलाड़ियों को सड़कों में घसीटा गया। लाठियां चलाई गई, आपराधिक मामले कायम किए गए। तमाम जुल्म ज्यादती की गई है।

दिल्ली की सीमाओं को बंद किया
मोदी सरकार ने 28 मई को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा समर्थित महिला पहलवानों के लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने के लिए दिल्ली की सीमाओं को बंद कर दिया। कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। ज्यादातर किसान नजरबंद कर दिए गए। महिला पहलवानों के खिलाफ अभूतपूर्व दमन और बल का प्रयोग किया गया। जबकि सभी लोग यौन उत्पीड़न के आरोपी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी के समर्थन में आए थे।

खिलाड़ियों के साथ की मारपीट
विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया सहित अन्य खिलाड़ियों के साथ मारपीट कर गिरफ्तार कर लिया गया। जंतर-मंतर पर टेंट उखाड़ दिए गए। सुभाषिणी अली, जगमती संगवान, एनी राजा, पूनम कौशिक, मैमून मोल्ला सहित विभिन्न महिलाओं के संगठनों के नेताओं और महिला किसान नेता चरणजीत कौर धुरियन और दविंदर कौर हरदासपुरा और अन्य को हिरासत में ले लिया गया।

महिला विरोधी भाजपा सरकार
यह भाजपा के महिला विरोधी और अलोकतांत्रिक चरित्र को उजागर करता है। दर्शाता है कि यौन उत्पीड़न के आरोपी की रक्षा के लिए वे कितना गिर सकते हैं। यह प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ के नारे के खोख लापन को दर्शाता है। महिला सम्मान महापंचायत में भाग लेने के लिए महिला पहलवानों के साथ हजारों लोग एकजुट हो रहे थे। इस महापंचायत को कुचलने के दमन का सहारा लिया गया।

गिरफ्तारी नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
समर्थन में किसान नेता राकेश टिकैत गाज़ीपुर सीमा पर पहुंचे। जहां उन्हें रोका गया। किसानों को रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड से भी हिरासत में लिया गया। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को चेतावनी देता है कि जब तक यौन उत्पीड़न के दोषियों को गिरफ्तार और दंडित नहीं किया जाता है। दिल्ली महिला महापंचायत दौरान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए जाते। तब तक आंदोलन तेजी से जारी रहेगा।

इन किसान नेताओं ने दिया धरना
धरने में प्रमुख रूप से किसान नेता बद्रीप्रसाद कुशवाहा, जिपं सदस्य लालमणि त्रिपाठी, विश्वनाथ चोटीवाला, इंद्रजीत सिंह शंखू, अभिषेक पटेल, संतकुमार पटेल, सुग्रीव सिंह, शेषमणि पटेल, रामनरेश सिंह, तेजभान सिंह, केशव प्रसाद पांडे, घनश्याम सिंह, रमेश सिंह, रामदरस सिंह, प्रदीप बंसल, सकोचिल प्रसाद, पवन कुमार पटेल, निजेश कुमार पटेल, अरुण पटेल, धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी, राजाराम बंसल, सुरेंद्र, गीता, जयलाल आदि उपस्थित रहे।

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