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भोपालएक घंटा पहले

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भोपाल के बहुचर्चित कशिश जायसवाल हत्याकांड मामले में मंगलवार को कोर्ट ने उसके प्रेमी अख्तर अली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अख्तर अली को एक हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अख्तर अली ने 24 जुलाई 2021 को कशिश के मामा को फोन लगा कर कहा था – मैंने तुम्हारी भांजी को मार दिया है। उसकी लाश को बोरे में पैककर नाले में फेंक दिया है। ढूंढ सको तो ढूंढ लो..। जबकि, हत्या से पहले कशिश अपने परिवार से बोलती थी “मेरा अख्तर सबसे अच्छा है, मुझे वह पसंद है”।

निशातपुरा क्षेत्र में रहने वाले कशिश के मामा राजेश झांझा ने निशातपुरा पुलिस को 24 जुलाई को बताया था कि कशिश, अख्तर अली के साथ गई थी। वह दोनों दोस्त थे, इसलिए उन्होंने उसे जाने से रोका नहीं। देर रात अख्तर ने उन्हें फोन किया। बोला- मैंने कशिश को जान से मार दिया है। अब तुम उसकी लाश ढूंढ सको, तो ढूंढ लो। मैंने उसका शव खजूरी थाना इलाके के IISER (आइसर) कालेज के पास फेंक दिया है। राजेश की सूचना पर पुलिस ने खजूरी पुलिस के साथ उसकी तलाश शुरू की, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। अगले दिन पुलिस को उसका शव मिला।

सिर पर डंडा मारने के बाद चाकू से की हत्या

पुलिस के अनुसार कशिश की पहले बेरहमी से आरोपी ने पिटाई की थी। उसके सिर पर डंडा मारा। घटनास्थल के पास भी खून से सना डंडा मिला था। इसके बाद आरोपी ने उसके पेट और सीने में चाकू से वार किए थे। इसी से उसकी मौत हो गई थी। घर के अंदर खून के धब्बे भी मिले थे। हत्या के बाद अख्तर ने कशिश का शव एक बोरे में बांधकर घर से कुछ दूरी पर नाले पर फेंक दिया था।

मामा के पास रहती थी

कशिश के मामा ने बताया, वह अपने भाई और बड़ी बहन से अलग रह रही थी। उसकी मां ने दो शादियां की हैं, इसलिए वह उनके पास रह रही थी। खजूरी थाने की TI संध्या मिश्रा ने बताया था कि आरोपी यहां अकेला रह रहा था। वह प्राइवेट जॉब करता था।

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